क्रिकेट के खेल में सबसे बड़ा योगदान अंपायर का होता है। मैच में होने वाली सभी गतिविधियों पर अंपायर की नजर रहती है। यदि खिलाड़ी आउट होता है तो अंपायर अपना सीधा हाथ उठाकर खिलाड़ी को आउट घोषित करता है। आज की इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसे एकमात्र अंपायर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने कभी भी सीधी उंगली से आउट नहीं दिया। चलिए जानते हैं उसके बारे में
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मित्रों हम जिस मुस्लिम अंपायर की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि अलीम डार है। अलीम डार जब भी खिलाड़ी को आउट देते थे तो वे बहुत ही अजीब तरीका इस्तेमाल करते थे। उनका निर्णय एकदम सटीक होता था। उनके निर्णय बहुत ही कम बार गलत साबित हुए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस अंपायर ने अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी सीधे हाथ की उंगली से खिलाड़ी को आउट नहीं दिया।
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इस बारे में उनका कहना है कि इसके पीछे की वजह सामाजिक और धार्मिक कारण है। सीधे हाथ की उंगली का इस्तेमाल ईश्वर की गवाही के लिए होता है। यदि मैं कभी सीधे हाथ की उंगली से गलत फैसला लेता हूं तो बहुत ही बड़ा गुना हो जाएगा। इस्लाम धर्म में इस उंगली का उपयोग शहादत के लिए होता है।
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यही कारण है कि पाकिस्तान के अंपायर खिलाड़ियों को आउट देने के लिए सीधे हाथ की उंगली का इस्तेमाल नहीं करते। साल 2000 में अलीम डार ने अंपायर करियर की शुरुआत की थी। साल 2003 में उन्होंने पहले टेस्ट मैच में अंपायरिंग की वे अब तक 100 से ज्यादा टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं।
एक ऐसा मुस्लिम अंपायर जिसने कभी सीधी उंगली से नहीं दिया आउट, वजह जानकर खुश हो जाएंगे आप
Reviewed by Admin
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जुलाई 30, 2019
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